जर्जर यमुना पुल पर बढ़ा खतरा- जल्द शुरू होगी मरम्मत प्रक्रिया

  • एनएच-34 पर यमुना नदी पुल की मरम्मत की तैयारी शुरू
  • रोज 20 हजार से अधिक भारी वाहन, क्षमता से अधिक भार
  • सीआरआरआई की रिपोर्ट में पुल के कंपन और दरारों की पुष्टि

कानपुर। यमुना नदी पर बने कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) के 49 साल पुराने पुल की हालत अब चिंताजनक हो गई है। पुल पर हर दिन गुजरने वाले 20 हजार से ज्यादा भारी वाहनों के दबाव से इसकी कोठियों और स्लैब में दरारें आ गई हैं। अब एनएचएआई (NHAI) ने इसकी मरम्मत की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाई जा रही है। मरम्मत के दौरान पुल को आंशिक या पूर्ण रूप से बंद किया जा सकता है।

मरम्मत में लग सकता है एक से दो हफ्ते का समय

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज यादव के मुताबिक, मरम्मत के लिए डीपीआर बनाई जा रही है, जिससे लागत और समय का अनुमान लगाया जा सके। मरम्मत में 1 से 2 हफ्ते लग सकते हैं और इस दौरान भारी वाहनों का आवागमन रोका जाएगा। इसके लिए कानपुर और हमीरपुर के जिला एवं पुलिस प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है।

सीआरआरआई की रिपोर्ट में पुल के कंपन की पुष्टि

इस पुल की जांच पिछले साल केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) ने की थी। रिपोर्ट में पुल के कंपन करने की बात सामने आई थी। हैदराबाद से आई इंजीनियरों की टीम ने MBIU मशीन के जरिए पुल की कोठियों और संरचना की गहन जांच की।

ओवरलोडिंग से बढ़ रहा खतरा

रिपोर्ट में पुल की स्लैब और लीं बेयरिंग को तत्काल बदलने की सिफारिश की गई है। पुल की अधिकतम क्षमता 40 टन की है, जबकि इस पर 90 से 120 टन तक के वाहन गुजर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ओवरलोड वाहनों पर जल्द रोक नहीं लगी तो पुल को गंभीर नुकसान हो सकता है।

1976 में हुआ था उद्घाटन

इस पुल का निर्माण वर्ष 1976 में हुआ था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री दिवंगत नारायणदत्त तिवारी ने किया था। तब से यह पुल कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग बना हुआ है। बीते 49 वर्षों में कई बार इसकी मरम्मत हुई, लेकिन मौजूदा हालात चौंकाने वाले हैं।

प्रशासन की चुनौती: वैकल्पिक मार्ग और ट्रैफिक कंट्रोल

पुल बंद होने की स्थिति में प्रशासन को वैकल्पिक मार्गों और यातायात नियंत्रण की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यातायात प्रभावित न हो और सुरक्षा बनी रहे।

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