- टांडा व अकबरपुर स्थित हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर्स में कार्यक्रम आयोजित
- प्रो. उमेश वर्मा ने उच्च रक्तचाप को बताया “मौन हत्यारा”
- डॉ. मोहम्मद आतिफ ने जीवनशैली और खानपान पर दिया जोर
अम्बेडकरनगर। जब शरीर मौन होकर भी संकेत देता है, तब रोग मौक़ा तलाशता है। और यदि वह रोग उच्च रक्तचाप हो तो यह मौन किसी भी दिन तूफ़ान बन सकता है। यही सन्देश लेकर निकले महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक, जिन्होंने ‘विश्व उच्च रक्तचाप दिवस’ के अवसर पर जनमानस के मध्य पहुँचकर हृदय की धड़कनों को सुनना, समझना और बचाना प्रारंभ किया।
ये भी पढ़ें-फेसबुक पर पनपा रिश्ता बना घर उजाड़ने की वजह
प्रभात के पहले प्रकाश की तरह ही कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ सीएचसी टांडा स्थित रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर और सीएचसी अकबरपुर स्थित अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर में, जहाँ विभागाध्यक्ष एवं उप प्रधानाचार्य प्रोफेसर उमेश वर्मा ने रक्तचाप की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया।”उच्च रक्तचाप एक मौन हत्यारा है, जो किसी पूर्व सूचना के बिना हृदयाघात, किडनी फेलियर और ब्रेन स्ट्रोक जैसे संकट ला सकता है।” उनकी वाणी में अनुभव था और उनकी बातों में चेतावनी भी।कार्यक्रम में उपस्थित पीजी इंचार्ज डॉ मोहम्मद आतिफ ने अत्यंत सहजता से समझाया कि किस प्रकार अनियंत्रित खान-पान, अधिक नमक का सेवन, धूम्रपान, शराब और निष्क्रिय जीवनशैली रक्तचाप को आमंत्रण देती है। उनकी बातों ने श्रोताओं के मन में स्वयं की जीवनशैली पर पुनर्विचार की लहर दौड़ा दी।कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एमडी जूनियर रेजिडेंट डॉ मोहम्मद रज़ा और डॉ राम निवास ने अभियान को मानवीय संवाद का रूप दिया।








