- PoK में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीजफायर
- सात डेलिगेशन जाएंगे विदेश, UNSC सदस्यों से करेंगे बातचीत
- कांग्रेस ने केवल एक नेता को डेलिगेशन में शामिल करने पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिसरी सोमवार को संसद की स्थायी समिति को भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विस्तार से जानकारी देंगे। यह ब्रीफिंग 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा 7 मई की रात PoK में की गई एयरस्ट्राइक और फिर 10 मई को हुए सीजफायर समझौते पर केंद्रित होगी।
भारत ने आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को 23 मिनट में अंजाम दिया था, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी एयरबेसों को भी निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई के बाद 10 मई की शाम 5 बजे भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम हुआ, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने X पर की थी।
सात डेलिगेशन विदेशों में रखेंगे भारत का पक्ष
सरकार ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जनमत तैयार करने के लिए 59 सदस्यीय सात डेलिगेशन गठित किए हैं। इनमें 51 सांसद और 8 राजनयिक शामिल हैं। डेलिगेशन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के स्थायी सदस्यों सहित प्रमुख देशों का दौरा करेंगे और आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
विदेश सचिव इन डेलिगेशन को दो चरणों में ब्रीफ करेंगे। हर ग्रुप की कमान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को सौंपी गई है:
-
ग्रुप 1: बैजयंत पांडा (भाजपा)
-
ग्रुप 2: रविशंकर प्रसाद (भाजपा)
-
ग्रुप 3: संजय कुमार झा (JDU)
-
ग्रुप 4: श्रीकांत शिंदे (शिवसेना)
-
ग्रुप 5: शशि थरूर (कांग्रेस)
-
ग्रुप 6: कनिमोझी (DMK)
-
ग्रुप 7: सुप्रिया सुले (NCP-SCP)
कांग्रेस को मिली एक ही सीट, पार्टी ने जताया विरोध
कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित चार नामों में से केवल एक – आनंद शर्मा – को शामिल किया गया है। इस पर पार्टी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे पर भी मोदी सरकार के राजनीतिक खेल को उजागर करता है।








