
- जलालपुर ब्लॉक के गोलपुर गांव में अमृत सरोवर योजना डेढ़ साल से लंबित
- कुल 37.55 लाख रुपये में से 19.50 लाख मजदूरी पर खर्च, लेकिन काम धीमा
- सरोवर की खुदाई, गेट, रेलिंग, पक्का रास्ता, सोलर लाइट आदि कार्य अभी बाकी
अंबेंडकरनगर। अंबेंडकरनगर।जलालपुर ब्लॉक के गोलपुर गांव में वर्षा जल संचयन और जल स्तर में सुधार हेतु शुरू की गई अमृत सरोवर परियोजना डेढ़ वर्ष बाद भी अधूरी पड़ी है। 2023-24 में शुरू की गई इस योजना पर कुल 37.55 लाख रुपये खर्च होने हैं, लेकिन अब तक का काम निर्धारित लक्ष्य से पीछे है।
परियोजना की शुरुआत के बाद से अब तक 19.50 लाख रुपये मजदूरी मद में खर्च किए जा चुके हैं, बावजूद इसके सरोवर की मिट्टी संबंधी कार्यवाही भी पूर्ण नहीं हो पाई है। यह स्थिति ग्रामीणों के बीच असंतोष और सवाल खड़े कर रही है।
मूल संरचना अभी अधूरी
परियोजना के कुल बजट 37.55 लाख रुपये में से 33 लाख रुपये का उपयोग सरोवर निर्माण पर निर्धारित है। मगर अब तक न तो सरोवर की पूर्ण खुदाई हुई है, न ही आवश्यक ढांचागत निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं। शेष कार्यों में गेट, रेलिंग, इंटरलॉकिंग पथ, बैरिकेडिंग, बेंच, सोलर लाइट, सीढ़ियां और हरित पट्टी के लिए पौधारोपण शामिल हैं।
गांव के निवासी बताते हैं कि अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य वर्षा जल संरक्षण के माध्यम से जल संकट से निजात दिलाना और ग्रामीण क्षेत्र को शहर जैसी सुविधाओं से जोड़ना था। लेकिन लंबे समय से रुके कार्यों ने इस उद्देश्य को संदेह के घेरे में ला दिया है।
धनराशि व्यय पर उठे सवाल
कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर निर्माण कार्य में अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस अनुपात में मजदूरी पर व्यय दर्शाया गया है, उसकी तुलना में कार्य की प्रगति नगण्य है।








