
- सॉफ्टवेयर इंजीनियर विशाल की ऑपरेशन के दौरान मौत
- डॉक्टरों ने मौत छिपाकर ‘सीरियस’ बताकर किया गुमराह
- पत्नी ने ICU में जबरन जाकर मौत की सच्चाई देखी
कानपुर। शहर के लाजपत नगर स्थित केएमसी अस्पताल में किडनी स्टोन के मामूली ऑपरेशन के दौरान 37 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विशाल तिवारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पत्नी और परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने उनकी मौत की बात छिपाई और गंभीर स्थिति बताकर गुमराह किया। घटना के बाद अस्पताल में देर रात तक जमकर हंगामा हुआ।
पत्नी ICU में घुसीं तब हुआ खुलासा
विशाल की पत्नी सौम्या ने बताया कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन सफल बताकर कुछ समय बाद कहा कि मरीज को एक्यूट एडिमा हो गया है और वह वेंटिलेटर पर है। लेकिन 14 जून की शाम 6:30 बजे अस्पताल प्रबंधन ने परिवार से कहा कि मरीज की हालत गंभीर है, चाहे तो कहीं और ले जाएं। इस पर शक होने पर पत्नी ने जबरन ICU में जाकर देखा, तो पति मृत अवस्था में मिले। इसके बाद डॉक्टरों ने आधिकारिक रूप से मौत की पुष्टि की।
शादी की सालगिरह पर टूटा दुखों का पहाड़
सौम्या ने बताया कि 14 जून को उनकी शादी की 5वीं सालगिरह थी। “विशाल बहुत खुश थे और प्लान बना रहे थे, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई,” कहते हुए वो फूट-फूटकर रो पड़ीं।
लापरवाही का आरोप, पुलिस को दी तहरीर
परिजनों ने डॉ. शुभेंदु भादुड़ी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान कोई गंभीर चूक हुई, जिसे छुपाने की कोशिश की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आश्वासन दिया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन बेटों में बचे थे सिर्फ विशाल
परिवार पहले ही दो बेटों को बीमारी के चलते खो चुका था। अब तीसरे बेटे विशाल की भी इस तरह असमय मौत हो जाने से माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। विशाल ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।







