- कांग्रेस नेता डॉ. तिवारी का मोदी सरकार पर हमला
- संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का लगाया आरोप
- इंदिरा गांधी की लोकतांत्रिक स्वीकारोक्ति की सराहना
अम्बेडकरनगर। भारतीय लोकतंत्र के आपातकाल की 50वीं बरसी पर जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी इसे “काला दिवस” के रूप में मना रही है, वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य डॉ. विजय शंकर तिवारी ने भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में भाजपा ने बार-बार संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की हत्या की है।
संविधान बदलने की बात कहने वाली भाजपा खुद हो गई बेनकाब
डॉ. तिवारी ने कहा कि भाजपा ने चुनावों में खुलेआम संविधान बदलने का नारा दिया, लेकिन देश की जनता ने उसे नकार दिया। बहुमत होते हुए भी इस पार्टी ने निरंतर संवैधानिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई, संस्थाओं का दुरुपयोग किया और लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों की प्रेस कॉन्फ्रेंस इस बात की गवाही देती है कि यह सरकार न्यायपालिका तक को स्वतंत्र नहीं रहने दे रही।
इंदिरा गांधी की स्वीकारोक्ति और लोकतांत्रिक आचरण की तारीफ
आपातकाल पर बोलते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा संविधान के अंतर्गत की, जनता से माफी मांगी, चुनाव करवाए और परिणाम को विनम्रता से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के बाद लोकतंत्र विरोधी शक्तियों को जनता ने पहचान लिया और 1980 में जबरदस्त समर्थन से इंदिरा गांधी को फिर से सत्ता में लाया।








