गुवाहाटी। असम के शिवसागर जिले में तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के गैस कुएं में हुए रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि बिना किसी जनहानि के इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।
12 जून से हो रहा था रिसाव, 11:15 बजे मिला नियंत्रण
शिवसागर जिले के कुएं नंबर RDS-147A से 12 जून को गैस का रिसाव शुरू हुआ था, जिसके चलते आसपास के गांवों को खाली कराया गया। हरदीप पुरी ने बताया कि 28 जून सुबह 11:15 बजे ONGC ने गैस ब्लोआउट को पूरी तरह कंट्रोल में ले लिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, बेहतरीन प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के साथ हर स्तर पर सतर्कता बरती गई।
असम सरकार और स्थानीय लोगों को मंत्री ने कहा धन्यवाद
हरदीप पुरी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
“ONGC की संकट प्रबंधन टीम ने किसी भी चोट, दुर्घटना या आग की घटना के बिना सफलतापूर्वक यह कार्य पूरा किया है। मैं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य प्रशासन को जमीन पर दिए गए बेहतरीन सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं।”
मुख्यमंत्री हिमंत का जवाब- शिवसागर के लोगों को सलाम
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हरदीप पुरी के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“मैं सबसे पहले शिवसागर के बहादुर पुरुषों और महिलाओं को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने बीते दो हफ्तों में अभूतपूर्व धैर्य और सहयोग दिखाया। सभी एजेंसियों और कर्मियों ने शानदार काम किया।”
16 दिन से परेशान थे ग्रामीण, किया गया था शिफ्ट
12 जून को कुएं की सर्विसिंग के दौरान अचानक गैस विस्फोट हुआ, जिससे आसपास के इलाकों में तेज आवाज और रिसाव से हड़कंप मच गया। बारीचुक भटियापार क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षा के तहत स्थानांतरित किया गया। इलाके में गैस की गंध और खतरे को देखते हुए एहतियातन राहत कार्य जारी रहा।
भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी है ONGC
ONGC, भारत की महारत्न कंपनी है जो देश के कुल कच्चे तेल उत्पादन में 71% का योगदान देती है। कंपनी ने इस रिसाव को 16 दिन के भीतर काबू में ले लिया और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित रखा।








