अम्बेडकरनगर। जहांगीरगंज नगर पंचायत में सार्वजनिक भूमि को लेकर उठे विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। नगर पंचायत की चेयरमैन सुनीता देवी ने आधा दर्जन सभासदों के साथ कार्यालय परिसर में धरना देते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की जा रही है और पीडब्ल्यूडी की आड़ में निजी हित साधे जा रहे हैं।
सभासद शशिकांत दुबे का पुश्तैनी मकान विवाद में केंद्र में
चेयरमैन सुनीता देवी ने बताया कि विवाद वार्ड संख्या 8 के सभासद शशिकांत दुबे के पुश्तैनी मकान से जुड़ा है, जो मामपुर में मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। उन्होंने कहा कि उक्त मकान में बीते 50 वर्षों से विद्यालय भी संचालित हो रहा था। मकान के पीछे स्थित भूमि को एक व्यक्ति ने खरीदा था, जिनकी मृत्यु के बाद वह भूमि उनकी पत्नी और पुत्र के नाम हो गई।
भूमाफिया पर आरोप, आरटीआई से निकाली जानकारी
चेयरमैन के अनुसार, भूमाफिया उमाशंकर चतुर्वेदी ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगकर यह प्राप्त किया कि मध्य रोड से 30 फीट तक की जमीन पीडब्ल्यूडी की है। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। न्यायालय के आदेश के क्रम में 31 मई को उपजिलाधिकारी आलापुर द्वारा शशिकांत दुबे के मकान का आंशिक हिस्सा हटवाया गया।
चेयरमैन का कहना है कि जिस रेखा को आधार बनाकर कार्रवाई की गई, उसी रेखा में और भी कई मकान व दुकानें स्थित हैं, लेकिन उनमें से किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य निर्माणों को नजरअंदाज किया गया है।








