- 27 विभागों के साथ 35 करोड़ पौधों का लक्ष्य
- ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हर जन्म पर पौधा’ पहल
- एक्सप्रेसवे और मिडलाइन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने मंगलवार को कुकरैल वन क्षेत्र में त्रिवेणी वन स्थापना दिवस पर पौधारोपण कर राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें 27 विभागों की सहभागिता होगी।
27 विभागों की भागीदारी से चलेगा विशाल अभियान
वन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार के 27 विभागों को इस अभियान में शामिल किया गया है। सभी को वन विभाग की ओर से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही पौधों की सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
‘एक पेड़ मां के नाम’, ‘हर जन्म पर पौधा’ जैसी पहल
इस साल दो अनोखी योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं—‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हर जन्म पर एक पौधा’। इसके तहत अस्पतालों में जन्मे बच्चों के परिजनों को वन विभाग की ओर से पौधा और ‘ग्रीन सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा।
बच्चों को जोड़ा जाएगा प्रकृति से
मंत्री ने कहा कि “हर जन्म के साथ हरियाली” को बढ़ावा देना ही इस योजना का उद्देश्य है। परिवार नवजात के नाम पर पौधा लगाएंगे और उसका पालन-पोषण करेंगे, जिससे बच्चों का प्रकृति से जुड़ाव शुरू से ही हो।
एक्सप्रेसवे और मिडलाइन एरिया में भी हरियाली
सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे और मिडलाइन एरिया में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। “जितना बड़ा एक्सप्रेसवे, उतने अधिक पेड़”—इस सिद्धांत पर काम किया जाएगा।
यूपी बना देश का दूसरा सबसे बड़ा हरित राज्य
वन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने पिछले साल देश में सबसे अधिक पौधारोपण कर ग्रीन कवर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। रोपे गए 90% पौधे जीवित हैं, जो वन विभाग की सख्त निगरानी का परिणाम है।








