आगरा। शहर के शाहगंज क्षेत्र के 75 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर के पास चक्कर आने और आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन बात करते-करते अचानक क्लिनिक में ही बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद डॉक्टर हिमांशु यादव ने तुरंत उन्हें सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) दिया और जान बचाई। बाद में जांच में पता चला कि बुजुर्ग को कंप्लीट हार्ट ब्लॉक था। इलाज के तहत उन्हें पेसमेकर लगाया गया और अब वे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
क्या हुआ था उस दिन?
डॉ. हिमांशु यादव ने फेसबुक पर घटना का सीसीटीवी वीडियो साझा करते हुए लिखा कि बुजुर्ग मरीज उनके पास चक्कर और आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत लेकर आए थे। कुछ ही देर में वे बात करते-करते कुर्सी पर बेहोश हो गए। डॉक्टर ने फौरन सीपीआर शुरू किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
क्या है कंप्लीट हार्ट ब्लॉक?
डॉ. यादव ने बताया कि मरीज को हार्ट अटैक नहीं आया था, बल्कि यह स्थिति कंप्लीट हार्ट ब्लॉक की थी। इसमें दिल को इलेक्ट्रिकल सिग्नल (बिजली) नहीं मिलते, जिससे धड़कन रुक जाती है। इसका प्रभाव तुरंत दिमाग पर पड़ता है क्योंकि ब्रेन को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसी वजह से मरीज को बेहोशी आ जाती है।
कैसे बची जान?
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डॉक्टर ने तुरंत सीपीआर देकर मरीज की धड़कन को बहाल किया
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तुरंत टेंपरेरी पेसमेकर लगाया गया
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अगले दिन परमानेंट पेसमेकर लगाया गया
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अब मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं
डॉक्टर ने दी जानकारी
डॉ. हिमांशु यादव ने कहा:
“मरीज को हार्ट अटैक नहीं, बल्कि हार्ट का इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हुआ था। यही कंप्लीट हार्ट ब्लॉक होता है। समय पर प्रतिक्रिया न होती तो उनकी जान भी जा सकती थी।”








