- शव बंद हालत में घर पहुंचा, पुलिस ने चेहरा नहीं दिखाने दिया
- अंतिम दर्शन को तरस गए परिजन, मोहल्ले में मातम
- आरोपी दोस्त और उसके पिता हिरासत में
आगरा। दोस्ती के नाम पर भरोसे की कीमत एक मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। 11वीं के छात्र कुणाल प्रजापति की लाश मंगलवार तड़के हाथरस के सहपऊ इलाके में एक कुएं से बरामद हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि कुणाल की सिर पर भारी वस्तु से वार कर हत्या की गई।
कुणाल के गुमशुदा होने की रिपोर्ट 28 जून को हरीपर्वत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले में उसके दोस्त शिवम यादव और उसके पिता पप्पू यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ पर शिवम ने हत्या की बात कबूल कर ली।
घर में मचा कोहराम, पिता बोले– मेरी कमर थी वो
मंगलवार शाम जब पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाया गया तो घर और मोहल्ले में मातम पसर गया। शव पूरी तरह बंद अवस्था में था, पुलिस ने किसी को चेहरा तक नहीं देखने दिया। मां, बहनों और पिता ने बेटे की अंतिम झलक तक नहीं देखी। बहनें बार-बार रोते हुए चीखती रहीं, “भाई को मत ले जाओ, हमें देख लेने दो!” लेकिन पुलिस शव को सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले गई।
कुणाल के पिता देवेंद्र प्रजापति ने कहा, “मेरी कमर थी वो… नहीं बचा पाया मैं…”। मोहल्ले के लोग भी अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े, लेकिन किसी को चेहरा देखने तक नहीं दिया गया।
ऐसे हुआ हत्या का खुलासा
कुणाल 27 जून को स्कूटी लेकर घर से निकला था। रात को मां से फोन पर बात करते हुए उसने कहा, “शिवम के साथ हूं, पता नहीं कहां ले जा रहा, कहीं मार न दे…” और फिर हँसते हुए बोला, “अच्छा दोस्त है








