
- अम्बेडकरनगर के 356 मजरों में होगा विद्युतीकरण
- सौभाग्य योजना के तीसरे चरण के लिए स्वीकृत हुए ₹9.88 करोड़
- अप्रैल 2026 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
अंबेडकरनगर। जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की रोशनी जल्द ही आम जीवन का हिस्सा बनने जा रही है। सौभाग्य योजना के तीसरे चरण के अंतर्गत 356 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए नौ करोड़ 88 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य को वर्ष 2026 के अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
तीन चरणों में होगा कार्य, बांस-बल्ले से मिलेगी राहत
योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदारी पायनियर कंपनी को सौंपी गई है।प्रथम चरण में बिजली पोल (खंभे) लगाए जाएंगे।द्वितीय चरण में केबलिंग का कार्य किया जाएगा।तृतीय चरण में ट्रांसफार्मर की स्थापना और बिजली आपूर्ति के साथ कनेक्शन दिए जाएंगे।इस कार्य के पूरा होने के बाद बांस-बल्ले के सहारे अस्थायी कनेक्शन का युग समाप्त हो जाएगा और स्थायी एवं सुरक्षित आपूर्ति शुरू होगी।
हर घर तक पहुंचेगी बिजली, 50 हजार से अधिक कनेक्शन का लक्ष्य
परियोजना के अंतर्गत जिले के करीब 50 हजार घरों को बिजली कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। शासन द्वारा बजट आवंटन के साथ कार्य को गति दी गई है। जुलाई के पहले सप्ताह से फील्ड स्तर पर काम शुरू हो जाएगा।
अंधेरे में डूबे गांवों में लौटी उम्मीद
जिन मजरों में अब तक बिजली नहीं थी, वहां के ग्रामीणों को अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है। सरहरी दक्षिण, भिआंव पुरवा, नेवादा कला, नूरपुरकला, नोनहर, सेमरा, रामगढ़ जैसे गांवों में अभी तक लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांवों में जाते हैं। अब वहां ट्रांसफार्मर और पोल पहुंचने लगे हैं।








