- चेयरमैन शबाना नाज़ ने पारदर्शिता की कमी के चलते निविदाएं रद्द की थीं।
- कुछ पक्षों ने निर्णय को जिलाधिकारी के समक्ष चुनौती दी थी।
- जिलाधिकारी ने एडीएम और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन की संयुक्त जांच समिति गठित की।
अम्बेडकरनगर। टांडा नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जाने वाले 95 निर्माण कार्यों की निविदा को लेकर उठे विवाद पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। नगरपालिका चेयरमैन शबाना नाज़ द्वारा निविदाओं में अनियमितता के आरोपों के चलते इन्हें रद्द करने का जो फैसला लिया गया था, वह जिलाधिकारी के आदेश पर गठित जांच समिति द्वारा सही ठहराया गया है।
विवादित निविदाएं हुईं थीं रद्द, जिलाधिकारी के समक्ष उठे सवाल
टांडा नगरपालिका परिषद की ओर से 95 निर्माण कार्यों की निविदा निकाली गई थी। चेयरमैन शबाना नाज़ ने इन निविदाओं में पारदर्शिता की कमी और अनियमितता का हवाला देते हुए उन्हें रद्द कर एक सप्ताह के भीतर पुनः ई-निविदा प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। हालांकि, इस निर्णय को कुछ पक्षों द्वारा जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के समक्ष चुनौती दी गई। आरोप लगाया गया कि निविदा रद्द करने की प्रक्रिया सही नहीं अपनाई गई और चेयरमैन द्वारा मनमाने ढंग से निर्णय लिया गया।
जांच समिति ने चेयरमैन के पक्ष में दी रिपोर्ट
विवाद को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) की संयुक्त टीम गठित कर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। संयुक्त समिति ने निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया का सूक्ष्म परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में निविदा रद्द करने का चेयरमैन का निर्णय नियमानुसार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उचित बताया गया है।








