
- बांग्लादेश सरकार ने हत्या और देशद्रोह सहित 225 मामलों में केस दर्ज किया
- इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
- भारत ने नहीं किया डिपोर्ट, हसीना का वीजा बढ़ाया
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बार फिर विवादों में हैं। ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर BBC ने एक ऑडियो क्लिप जारी कर सनसनी फैला दी है, जिसमें कथित तौर पर शेख हसीना एक अज्ञात सरकारी अधिकारी से फोन पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देती सुनाई दे रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह कॉल पिछले साल 18 जुलाई 2024 को ढाका स्थित प्रधानमंत्री आवास से की गई थी, यानी देश में तख्तापलट से ठीक पहले।
लीक हुए ऑडियो में शेख हसीना स्पष्ट रूप से कहती हैं – “मैंने उन सभी को आज रात गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। जहां भी वे दिखें, उन्हें पकड़ लीजिए। अब वे घातक हथियारों का उपयोग करेंगे, इसलिए उन्हें देखते ही गोली मार दी जाए। मैंने अब खुला आदेश जारी कर दिया है।”
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉल के तुरंत बाद ढाका में मिलिट्री ग्रेड हथियारों से लैस सुरक्षाबलों ने कार्रवाई शुरू की। विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बड़े पैमाने पर हिंसा का सहारा लिया गया, जिसमें लगभग 1,400 लोगों की जान गई। इसके बाद शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध का गंभीर आरोप भी लगाया गया।
भारत में 11 महीने से रह रही हैं शेख हसीना
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और उसी सप्ताह भारत पहुंच गईं। वे फिलहाल 11 महीने से भारत में रह रही हैं। तख्तापलट के बाद बनी डॉ. यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने हसीना पर हत्या, अपहरण, देशद्रोह जैसे 225 से ज्यादा आपराधिक मामलों में केस दर्ज किया है।
बांग्लादेश सरकार ने न केवल उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया है, बल्कि उनके खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है। ट्रिब्यूनल ने हसीना को 12 फरवरी 2025 तक कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह अब तक अनुपस्थित हैं।
भारत ने नहीं किया डिपोर्ट, बढ़ाया वीजा
बांग्लादेश सरकार ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की औपचारिक अपील की थी, लेकिन भारत सरकार ने अब तक उन्हें डिपोर्ट नहीं किया है। उल्टा, हाल ही में भारत ने उनका वीजा आगे बढ़ा दिया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि भारत हसीना को तत्काल बांग्लादेश भेजने के मूड में नहीं है।
राजनीतिक भूचाल और अंतरराष्ट्रीय दबाव
ऑडियो लीक और BBC की पुष्टि के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। मानवाधिकार संगठनों ने शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। अब देखना होगा कि भारत सरकार आने वाले समय में शेख हसीना को लेकर क्या रुख अपनाती है।








