
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले लखनऊ में मंगलवार को नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय में ताला बंदी कर कामकाज ठप कर दिया। इस दौरान जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
दोपहर तक बाधित रहा कामकाज
धरने की वजह से नगर निगम और जलकल विभाग में दोपहर तक कोई कार्य नहीं हो सका। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वेतन विसंगतियों और पदोन्नति को लेकर नाराजगी
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शशि मिश्रा ने कहा कि वर्षों से वेतन विसंगतियों, पदोन्नति में देरी, अकेंद्रित सेवा नियमावली और विनियमितिकरण जैसी समस्याएं लंबित हैं। उन्होंने मांग की कि सभी संवर्गों में एकल सेवा नियमावली लागू की जाए और लिपिक, राजस्व व अन्य पदों पर समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।
मांग की गई कि लिपिक संवर्ग में कनिष्ठ सहायक (ग्रेड पे 2000), वरिष्ठ सहायक (ग्रेड पे 2800) और प्रधान सहायक (ग्रेड पे 4200) पदों पर कम से कम तीन पदोन्नति के अवसर तय किए जाएं।
2001 तक के कर्मियों के विनियमितिकरण की मांग
प्रदर्शन में दैनिक वेतन, संविदा और तदर्थ धारा-108 के अंतर्गत 2001 तक कार्यरत कर्मचारियों को शासनादेश के तहत विनियमित करने की भी मांग की गई। 24 फरवरी 2016 और 16 दिसंबर 2021 को जारी शासनादेश अब तक लागू नहीं हो सका है, जिसे लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
कैशलेस इलाज और पुरानी पेंशन की भी उठी मांग
कर्मचारियों ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय कैशलेस इलाज योजना को निकाय कर्मचारियों पर भी लागू करने की मांग की। साथ ही 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का आग्रह किया।
मृतक आश्रितों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नियुक्ति, 1990 से रिक्त पड़े पदों पर नियमित भर्ती, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति नीति में पारदर्शिता और उन्हें सेवा सुरक्षा व न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग भी प्रमुख रही।
राजस्व कैडर और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए नई व्यवस्था की मांग
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने टैक्स कलेक्टर, मोहर्रिर जैसे 9 कैडर का समायोजन कर राजस्व निरीक्षक श्रेणी-2 में पदोन्नति की मांग रखी। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर संवर्ग का गठन कर उन्हें उचित वेतन और पदनाम देने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन का असर राज्य भर में
कर्मचारियों ने चेताया कि यदि इन मांगों को अनदेखा किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है।









