- ATS की रिमांड में छांगुर बाबा गुमराह कर रहा
- नेपाल से बने पासपोर्ट से दुबई यात्राओं का खुलासा
- करोड़ों के लेन-देन की आड़ में धर्मांतरण की आशंका
लखनऊ। धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन को एटीएस की कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, लेकिन वह लगातार अधिकारियों को गुमराह कर रहा है। पूछे गए सवालों के स्पष्ट जवाब देने से बच रहा है। मंगलवार को एटीएस की टीम उसे बलरामपुर स्थित उसकी कोठी लेकर गई थी, जहां तीन घंटे तक सघन जांच की गई।
ATS सूत्रों का खुलासा: नेपाल से बने पासपोर्ट के जरिए कराई गईं दुबई यात्राएं
छांगुर की रिमांड में पूछताछ के दौरान सामने आया कि चार संदिग्धों के पास नेपाल से बने पासपोर्ट हैं, जिनके जरिये दुबई की यात्राएं कराई गईं। एटीएस अब इन संदिग्धों की तलाश और उनके विदेशी नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
‘धर्म प्रचार’ के नाम पर जुटाए गए करोड़ों रुपए
ATS सूत्रों के अनुसार छांगुर बाबा ने स्वीकार किया है कि करोड़ों रुपए का लेन-देन डोनेशन के रूप में हुआ है, जो कथित रूप से धार्मिक आयोजनों और प्रचार के लिए था। वहीं, जांच एजेंसी को शक है कि इन्हीं आयोजनों के जरिए धर्मांतरण की जमीन तैयार की जाती थी। छांगुर गैंग से जुड़े सभी खातों की जांच शुरू कर दी गई है।
‘शिजर-ए-तैय्यबा’ किताब से होता था ब्रेनवॉश
बलरामपुर की कोठी से ATS को ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ नाम की किताब मिली है, जिसे बाबा ने खुद छपवाया था। इसी किताब के जरिए कथित तौर पर मुस्लिम युवकों और हिंदू लड़कियों को ब्रेनवॉश कर लव जिहाद के लिए उकसाया जाता था।








