- मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए नाबालिग लड़कियों के बयान
- संतोष और मनीष भंडारी की होगी कस्टडी रिमांड
- तस्करों ने 15 से ज्यादा लड़कियों को बेचने की बात कबूली
लखनऊ। कृष्णानगर इलाके में पकड़े गए मानव तस्करों से जुड़े मामले में पुलिस ने नाबालिग लड़कियों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए हैं। अब अगला कदम आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह नौकरी, शादी और पैसे का लालच देकर लड़कियों को फंसाता था और फिर उनकी तस्करी कर देता था।
तस्कर संतोष और मनीष भंडारी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को इनके बड़े नेटवर्क के सुराग मिले हैं। आरोपी अब तक यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और अहमदाबाद से 15 से ज्यादा लड़कियों को बेच चुके हैं। पुलिस इन मामलों की जानकारी जुटा रही है।
DCP दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि संतोष और मनीष को जेल भेजा गया है, लेकिन उनकी कस्टडी रिमांड लेकर जल्द गहन पूछताछ की जाएगी। रिमांड में गैंग के नेटवर्क और अन्य पीड़ित लड़कियों की जानकारी जुटाने का प्रयास होगा।
रेस्क्यू की गई लड़कियों के बयान दर्ज
तस्करों के चंगुल से छुड़ाई गई वीआईपी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी की 16 साल की बेटी और रायबरेली की 15 वर्षीय किशोरी के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कर लिए गए हैं। दोनों पीड़िताओं के बयानों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।








