
- महामाया मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र में केमीलूमिनेसेंस जांच प्रणाली की शुरुआत
- एलिसा तकनीक की तुलना में अधिक तेज और सटीक जांच
- डॉ. मुकेश यादव ने किया तकनीक का उद्घाटन
अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र में सोमवार को उन्नत केमीलूमिनेसेंस तकनीक के माध्यम से रक्तदाताओं की जांच प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया। यह तकनीक अब तक प्रचलित एलिसा जांच का उच्चीकृत रूप है, जिससे रक्त संक्रमण की जांच अधिक सटीक व तेज़ी से संभव होगी।
डॉ. मुकेश यादव ने किया तकनीक का उद्घाटन
इस नई जांच प्रणाली का शुभारंभ कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित पटेल और रक्त केंद्र के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। तकनीकी उपकरण के शुरू होते ही जांच प्रक्रिया का सफलतापूर्वक परीक्षण भी किया गया।
3 से 4 घंटे में पूरी होगी रक्त जांच
अब तक रक्तदाताओं की जांच मेडिकल कॉलेज के भूतल स्थित पैथोलॉजी लैब में की जाती थी, जिसमें अधिक समय लगता था। लेकिन अब रक्त केंद्र में मशीन की स्थापना से जांच प्रक्रिया महज 3 से 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे प्लेटलेट्स या अन्य रक्त उत्पादों की उपलब्धता में तेज़ी आएगी।
डेंगू जैसे संक्रमण में मिलेगी राहत
विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू जैसी महामारी में मरीज को समय पर प्लेटलेट यूनिट पहुंचाना बहुत आवश्यक होता है। नई प्रणाली से जल्द जांच संभव होगी और गंभीर रोगियों को समय रहते उपचार मिल सकेगा। यह प्रणाली विशेष रूप से उन संक्रमणों का पता लगाने में सक्षम है, जो सामान्य रैपिड टेस्टिंग किट नहीं पकड़ पातीं।








