अम्बेडकरनगर। सोमवार को जिला कारागार में महिला बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जिलाधिकारी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में RSETI (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के सहयोग से सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सामाजिक पुनर्वास में मदद करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिला बंदियों को सिलाई और कढ़ाई जैसे रोजगारोन्मुखी एवं व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षकों द्वारा सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ मशीनों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतर्गत बंदियों को कपड़ों की सिलाई, डिज़ाइनिंग, कढ़ाई की विभिन्न तकनीकें और ग्राहक आवश्यकताओं के अनुसार काम करने के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कारागार परिसर में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के माध्यम से किया गया। जिला प्रशासन, जेल प्रशासन और आरसेटी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रशिक्षण का विधिवत उद्घाटन हुआ। जिलाधिकारी ने अपने संदेश में कहा,”यह प्रयास केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला बंदियों को उनके भविष्य की नई दिशा देने का एक सार्थक प्रयास है। यदि उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वे समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकती हैं।”
जेल अधीक्षक ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि बंदियों के कौशल विकास हेतु भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में उन महिला बंदियों को सम्मिलित किया गया है, जिन्होंने स्वेच्छा से भाग लेने की इच्छा जताई।
आरसेटी की ओर से जानकारी दी गई कि यह प्रशिक्षण निर्धारित समयावधि में चरणबद्ध रूप से चलाया जाएगा। प्रशिक्षकों द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जो आगे चलकर उनके स्वरोजगार या लघु व्यवसाय में उपयोगी होगा।








