वाराणसी में ठाकुर-राजभर विवाद तूल पकड़ता गया

  • छितौना कांड में जातीय तनाव गहराया, हाईवे पर पुलिस-कार्यकर्ता आमने-सामने
  • एहतियातन आजमगढ़ में क्षत्रिय नेता हाउस अरेस्ट
  • ओपी राजभर बोले: “जातीय संघर्ष की स्क्रिप्ट सपा लिख रही है”

वाराणसी। वाराणसी के छितौना गांव में ठाकुर और राजभर समुदाय के बीच हुई मारपीट की घटना लगातार राजनीतिक और सामाजिक रूप से तूल पकड़ती जा रही है। मंगलवार को क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ता जब छितौना गांव के समर्थन में जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर संदहा के पास रोक लिया। इसके विरोध में कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए और हाईवे पर करीब ढाई घंटे तक हंगामा किया।

इस दौरान एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी की वर्दी तक फट गई। पुलिस ने पहले कार्यकर्ताओं को खदेड़ा, लेकिन थोड़ी देर बाद वे फिर लौटकर हाईवे पर धरने पर बैठ गए। हालात को देखते हुए पुलिस को हाईवे वनवे करना पड़ा

दोपहर डेढ़ बजे के बाद हटा धरना

करीब डेढ़ बजे, पुलिस अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर कार्यकर्ताओं को हाईवे से हटाया। इस दौरान 6 थानों की फोर्स मौके पर तैनात रही। वहीं **आजमगढ़ में क्षत्रिय महासभा के युवा अध्यक्ष अवनीश सिंह को पुलिस ने एहतियातन हाउस अरेस्ट कर लिया है।

गांव के बाहर लगाया गया पोस्टर

छितौना गांव के बाहर मंगलवार सुबह एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें चेतावनी दी गई कि “कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में आकर किसी प्रकार की राजनीति न करे”। यह पोस्टर प्रशासन की तरफ से नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया माना जा रहा है।

ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पूरे विवाद के पीछे समाजवादी पार्टी (सपा) की साजिश करार दी। उन्होंने कहा,

“छितौना में जो कुछ भी हो रहा है, उसके पीछे सपा का हाथ है। वह ही प्रदेश में जातीय संघर्ष कराने की कोशिश कर रही है। इटावा, देवरिया और आजमगढ़ में भी सपा ने ब्राह्मणों और यादवों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश की थी।”

ओपी राजभर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा,

गोली मारें या तोप चलाएं, जब पुलिस की भी कोई नहीं सुन रहा, तो हम क्या कर सकते हैं। वाराणसी में पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में करणी सेना और भारतीय समाज पार्टी के लोगों की बैठक हुई थी। सभी ने तय किया था कि SIT निष्पक्ष जांच करेगी, और जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।”

करणी सेना को लेकर भी तीखी टिप्पणी

राजभर ने करणी सेना को लेकर कहा,

“करणी सेना का कोई एक मालिक नहीं है। कई गुट बन चुके हैं, कोई किसे रोके? सपा इस पूरे मामले को जातीय रंग देने में जुटी है, लेकिन सरकार और पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।”

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