कानपुर CMO विवाद में आया बड़ा मोड़- डॉ. हरिदत्त नेमी की बहाली,

  • डॉ. हरिदत्त नेमी की बहाली, निलंबन आदेश रद्द
  • डॉ. उदयनाथ को श्रावस्ती भेजा गया
  • हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना याचिका के बाद फैसला

कानपुर। चर्चित CMO विवाद में सोमवार को बड़ा उलटफेर हो गया। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। अब वे दोबारा कानपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) बने रहेंगे। वहीं, मौजूदा CMO डॉ. उदयनाथ को हटाकर श्रावस्ती वापस भेज दिया गया है। यह फैसला हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर और डॉ. नेमी की अवमानना याचिका के बाद लिया गया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार बैकफुट पर

दरअसल, 18 जून को CMO डॉ. हरिदत्त नेमी को निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था। इसके बाद डॉ. उदयनाथ को कानपुर का नया CMO नियुक्त किया गया। लेकिन डॉ. नेमी ने इस निलंबन के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने 8 जुलाई को उनके निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि बिना विभागीय जांच के निलंबन नियमविरुद्ध है।

इसके बाद डॉ. नेमी 9 जुलाई को CMO ऑफिस पहुंचे और कुर्सी संभाल ली। वहीं डॉ. उदयनाथ ने भी पद नहीं छोड़ा, जिससे दो दिन तक अफसरशाही का हाई वोल्टेज ड्रामा चला। आखिरकार पुलिस को दखल देना पड़ा और डॉ. नेमी को ऑफिस से बाहर कर दिया गया।

अदालत की अवमानना याचिका बनी निर्णायक

डॉ. नेमी ने दोबारा 15 जुलाई को कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की, जिसमें प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, डीएम कानपुर, एडीएम और अन्य अधिकारियों को पार्टी बनाया गया। याचिका में कहा गया कि स्टे ऑर्डर के बावजूद जबरन हटाया जाना कोर्ट के आदेश की अवमानना है। कोर्ट ने 17 जुलाई को सुनवाई तय की, जिसके बाद सरकार बैकफुट पर आ गई और डॉ. नेमी की बहाली का आदेश जारी कर दिया गया।

विवाद की जड़: 34 अफसर मिले थे गैरहाजिर

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 5 फरवरी को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने CMO ऑफिस में औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान डॉ. नेमी समेत 34 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर मिले। डीएम ने उसी वक्त एक वीडियो जारी करते हुए सभी का एक दिन का वेतन रोक दिया था। इसके बाद से ही डीएम और CMO के बीच टकराव शुरू हो गया था, जो अब तक जारी रहा।

CMO ऑफिस में दो दिन चला हाईवोल्टेज ड्रामा

9 जुलाई को जब डॉ. नेमी कोर्ट का स्टे लेकर ऑफिस पहुंचे तो CMO की कुर्सी को लेकर आमना-सामना हो गया। डॉ. उदयनाथ ने अपनी कुर्सी की तरफ बढ़ने की कोशिश की, मगर वहां पहले से ही डॉ. नेमी विराजमान थे। दोनों अफसरों के बीच तीखी बातचीत भी हुई। डॉ. नेमी ने कहा, “मैं स्टे लेकर आया हूं, आपको ज्वॉइनिंग पॉइंट पर वापस जाना पड़ेगा।” यह स्थिति मीडिया की सुर्खियों में रही।

अब क्या आगे?

फिलहाल, सरकार ने डॉ. नेमी का निलंबन आदेश निरस्त करते हुए उन्हें कानपुर का CMO बना दिया है। वहीं डॉ. उदयनाथ को उनकी मूल तैनाती स्थल श्रावस्ती वापस भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि शासन द्वारा अब स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे दोहरे आदेश की स्थिति खत्म हो गई है।

Related Posts

भारत-पाक मैच से पहले ईशान किशन की शादी की चर्चा तेज

भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 मुकाबले से पहले टीम इंडिया के ओपनर ईशान किशन की शादी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ईशान के दादा अनुराग पांडेय ने…

Continue reading
बाराबंकी में बिजली तार चोरी का अंतरजनपदीय गिरोह गिरफ्तार

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बाराबंकी में बिजली के तार चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है और उनके…

Continue reading