गाजा। गाजा पट्टी में जारी युद्ध के बीच एक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह गाजा के इकलौते कैथोलिक चर्च ‘होली फैमिली चर्च’ पर हुए हमले में कई लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों में चर्च के पेरिश पादरी फादर गैब्रियल रोमानेली भी शामिल हैं, जो पोप फ्रांसिस के करीबी माने जाते थे।
हमले की जानकारी चर्च अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दी। उनके अनुसार यह हमला संभवतः टैंक शेलिंग के जरिए हुआ। हमले में चर्च की इमारत को भारी क्षति पहुंची है। हालांकि, अब तक इस्राइली सेना की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शांति की आवाज बने रहे थे फादर रोमानेली
फादर रोमानेली गाजा में शांति के पक्षधर माने जाते हैं और संकट के समय पोप फ्रांसिस से नियमित संवाद करते रहे हैं। पोप ने बीते 18 महीनों में कई बार गाजा में मौजूद इस चर्च से फोन पर संपर्क साधा था, जिनमें रोमानेली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस चर्च को अब तक अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा था और वहां बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शरण लिए हुए थे। अब उस स्थान पर हमला होने से आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं
‘होली फैमिली चर्च’ पर हुआ यह हमला इस ओर संकेत करता है कि युद्ध अब धार्मिक स्थलों तक पहुंच चुका है। मानवाधिकार संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है।
युद्ध की शुरुआत और बढ़ती तबाही
7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकियों द्वारा किए गए अचानक हमले से यह युद्ध शुरू हुआ था, जिसमें लगभग 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इस्राइल ने व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू की। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 58,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है।
महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे अधिक
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मरने वालों में से आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। हालांकि मंत्रालय हमास के नियंत्रण में है, लेकिन उसके आंकड़ों को संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां विश्वसनीय मानती हैं।
अब भी चुप है इस्राइल सेना
चर्च पर हुए ताजा हमले को लेकर अब तक इस्राइली सेना की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला जानबूझकर किया गया या गलती से। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और चर्च प्रशासन का मानना है कि यह एक सीधा हमला था।
इस घटना ने गाजा में रह रहे नागरिकों के डर को और गहरा कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ाया है कि वह युद्धविराम और मानवीय राहत सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।








