
- अंबेडकरनगर में वन विभाग ने शुरू की कार्बन क्रेडिट योजना
- खेतों की मेड़ों पर पौधारोपण से किसानों को मिलेगी अतिरिक्त आमदनी
- 5 साल बाद कार्बन क्रेडिट के रूप में मिलेगा डॉलर में भुगतान
अंबेडकरनगर। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वन विभाग ने जिले में किसानों के लिए कार्बन क्रेडिट योजना की शुरुआत कर दी है। यह योजना अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संचालित थी, लेकिन अब इसे जिले में लागू कर स्थानीय किसानों को अतिरिक्त आमदनी से जोड़ने का प्रयास शुरू हो चुका है। वन विभाग का उद्देश्य हरियाली को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान खोजना है।
मेड़ों पर लगाएंगे पेड़, मिलेगा क्रेडिट
इस योजना के अंतर्गत किसानों को खेतों की मेड़ और निजी भूमि पर पौधारोपण कर उसकी देखभाल करनी होगी। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं, जिससे उन्हें कार्बन सोखने वाला (Carbon Sink) माना जाता है। यही गुण उन्हें कार्बन क्रेडिट दिलाने का आधार बनेगा।
प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उमेश कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में अब तक 27 किसानों ने योजना के तहत अपना पंजीकरण करा लिया है। उन्होंने बताया कि पौधारोपण के पांच वर्षों बाद किसानों को कार्बन क्रेडिट दिया जाएगा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कीमत तय की जाती है।
डॉलर में मिलेगा भुगतान, बढ़ेगा उत्साह
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि पांच वर्षों में एक बार कार्बन क्रेडिट के मूल्यांकन के बाद किसानों को प्रति यूनिट 6 डॉलर के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। यह धनराशि नामित संस्था द्वारा वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी। इससे न केवल कृषकों को आर्थिक लाभ होगा बल्कि पर्यावरण की गुणवत्ता भी सुधरेगी।








