बसखारी बाईपास बना अवैध वसूली का अड्डा

  • शिकायत पर मौके से भाग रहे पर्ची काटने वाले
  • ट्रैफिक व्यवस्था बाधित, राहगीरों को हो रही परेशानी
  • प्रशासन की चुप्पी से जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

अंबेडकरनगर। प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत मखदूम अशरफ़ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह किछौछा शरीफ में चल रहे उर्स मेले के दौरान बसखारी बाईपास मार्ग पर अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। स्थानीय सूत्रों और चालकों की शिकायतों के अनुसार, बाहरी ज़िलों से आने वाले वाहनों से जबरन धन उगाही की जा रही है।

पार्किंग के नाम पर कब्ज़ा, टैक्सी स्टैंड में बदला बाईपास
बसखारी बाईपास मार्ग को पूरी तरह टैक्सी स्टैंड और अस्थायी पार्किंग स्थल के रूप में बदल दिया गया है। इसका संचालन नगर पंचायत से ठेका प्राप्त लोगों द्वारा किया जा रहा है, लेकिन आरोप है कि वे निर्धारित दरों की अनदेखी कर मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। कई चालकों ने बताया कि उनसे तय दर की तुलना में दोगुनी-तिगुनी राशि मांगी जा रही है।

ड्राइवरों से जबरन वसूली, डर से भागते दिखे पर्ची काटने वाले
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इस वसूली पर सवाल उठाया जाता है, तो पर्ची काटने वाले मौके से भाग खड़े होते हैं। इससे यह संदेह और प्रबल हो जाता है कि वसूली पूरी तरह से अवैध है। कुछ वाहन चालकों ने यहां तक दावा किया कि उनसे पार्किंग शुल्क के नाम पर 100 रुपये तक वसूले गए, जबकि नगर पंचायत द्वारा निर्धारित शुल्क इससे काफी कम है।

बाईपास मार्ग पर अनधिकृत पार्किंग और टैक्सी स्टैंड के चलते राहगीरों और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों ने बताया कि पूरी सड़क पर टैक्सियों की कतार लगने से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है।

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