
अम्बेडकरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत जनपद में युवाओं द्वारा स्वरोजगार के लिए उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली है। योजना की शुरुआत से अब तक 3193 युवाओं ने आवेदन किया है, जिसमें से 2939 आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं।
741 लाभार्थियों को वितरित हुआ ऋण
योजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग एस. सिद्दीकी ने बताया कि अब तक 862 आवेदन बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 741 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। सभी चयनित आवेदकों को ₹5 लाख तक की परियोजनाओं के लिए चार वर्षों तक बिना ब्याज का ऋण और 10 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
1537 आवेदन हुए निरस्त, 862 लंबित
उद्योग विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बैंकों द्वारा 1537 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। यह निरस्तीकरण विभिन्न कारणों से किया गया है, जिनमें दस्तावेजों की कमी, परियोजना की अस्पष्टता या आवेदक की अर्हता में कमी जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। 862 आवेदन इस समय बैंक स्तर पर लंबित हैं जिन पर कार्यवाही जारी है।
स्वरोजगार को लेकर युवाओं में बढ़ रही जागरूकता
अभियान का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को स्वावलंबी बनाना है। इस योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि युवा केवल नौकरी की तलाश में न रहें, बल्कि स्वयं का उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बनें। उद्योग विभाग द्वारा नियमित रूप से युवाओं को जागरूक किया जा रहा है और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
MSME को मिलेगा नया आधार
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) सेक्टर के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। योजना के अंतर्गत चयनित परियोजनाओं को स्थानीय संसाधनों, आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के साथ तैयार किया जा रहा है








