अंबेडकरनगर। डेढ़ दशक से लंबित अग्निशमन केंद्र की स्थापना का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। शासन ने भीटी तहसील क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र अब न केवल अंबेडकरनगर के ग्रामीण अंचलों, बल्कि अयोध्या और सुल्तानपुर की सीमा से लगे सैकड़ों गांवों को भी राहत देगा।
मुख्यमंत्री ने निभाया जनता से किया वादा
गत 16 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टांडा के शिवबाबा धाम पहुंचे थे, जहां एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय द्वारा रखी गई वर्षों पुरानी मांग पर सहमति जताते हुए उन्होंने अग्निशमन केंद्र निर्माण की घोषणा की थी। अब मुख्यमंत्री कार्यालय से बजट स्वीकृति और निर्माण आदेश जारी हो चुका है। मुख्यमंत्री 10 अगस्त के बाद लखनऊ से इसका वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही डॉ. हरिओम पांडेय भूमि पूजन कर निर्माण की आधारशिला रखेंगे।
13 वर्षों की प्रतीक्षा को मिला अंत
वर्ष 2009 से भीटी तहसील में अग्निशमन केंद्र की मांग उठती रही है। वर्ष 2012 में सरकार ने घोषणा भी की थी, जिसके बाद चतुरीपट्टी गांव में भूमि चिन्हित की गई। विभाग ने अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी कर बोर्ड भी लगाया, लेकिन राजनीतिक खींचतान के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया। वर्ष 2018 में रिपोर्ट तैयार कराई गई, पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी। अब मुख्यमंत्री की प्राथमिकता योजना में शामिल होते ही यह बहुप्रतीक्षित सपना साकार होने जा रहा है।
दो फायर यूनिट्स, आधुनिक भवन और वाहन होंगे तैनात
स्थापित होने वाले अग्निशमन केंद्र में दो यूनिट कार्यरत रहेंगी। भवन में 26 कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा, कार्यालय कक्ष, गैराज और पानी भरने की पूरी व्यवस्था रहेगी। दो फायर टेंडर वाहन – एक 25 हजार लीटर क्षमता वाला और दूसरा पांच हजार लीटर का वाहन तैनात किया जाएगा। इससे आगजनी की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।








