- इंटर कॉलेजों में कक्षा 11वीं और हाईस्कूल स्तर पर कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों को विषयवार पढ़ाई।
- माक टेस्ट के आधार पर 25 से कम अंक पाने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे।
- विद्यार्थियों की प्रगति के लिए प्रोफाइल और रिकॉर्ड तैयार होंगे।
अंबेडकरनगर। जिले के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए अब अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। समग्र शिक्षा माध्यमिक द्वारा उपचारात्मक कक्षाएं शुरू करने के लिए निर्देश और बजट जारी कर दिया गया है। इस पहल से लगभग 1100 विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है।
32 स्कूलों में लागू होगी योजना
जिले में कुल 32 राजकीय माध्यमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें 5,600 से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं। इनमें 15 स्कूलों में इंटरमीडिएट तक और 17 स्कूलों में 10वीं तक की पढ़ाई होती है। योजना के तहत सभी स्कूलों में चयनित विद्यार्थियों के लिए विषयवार अतिरिक्त कक्षाएं चलेंगी।
कक्षा 9 और 11वीं के विद्यार्थियों को लाभ
इंटरमीडिएट स्तर वाले 15 स्कूलों में कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी, गणित, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान और भौतिक विज्ञान विषयों की अतिरिक्त पढ़ाई कराई जाएगी। वहीं, 10वीं तक संचालित 17 माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और हिंदी की कक्षाएं होंगी।
प्रोफाइल और रिकार्ड रखने का प्रावधान
अतिरिक्त कक्षाओं में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति दर्ज करने के लिए प्रोफाइल और रिकार्ड तैयार किए जाएंगे। शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों को पारिश्रमिक देने के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराया गया है।
माक टेस्ट से होगा चयन
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि उपचारात्मक कक्षाओं के लिए चयन अगस्त के आखिरी सप्ताह में आयोजित माक टेस्ट के आधार पर होगा। यह 100 अंकों का टेस्ट कक्षा 9 और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए होगा। 25 से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को इन कक्षाओं में शामिल किया जाएगा।








