
- आवेदन की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2025 तय
- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 40% अनुदान
- निषाद राज बोट सब्सिडी योजना में नाव, जाल, आइस बॉक्स व मोपेड
अंबेडकरनगर। प्रदेश सरकार ने मत्स्य पालकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करना है। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट सब्सिडी योजना, सघन मत्स्य पालन एरियशन सिस्टम योजना और मत्स्य कल्याण कोष योजना शामिल हैं। सभी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त 2025 तक जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना
मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वेता सिंह ने बताया कि इस योजना में प्रति हेक्टेयर 4 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है। योजना का लाभ केवल उन्हीं आवेदकों को मिलेगा, जो ग्राम सभा द्वारा आवंटित तालाब के पट्टेधारक हैं।
निषाद राज बोट सब्सिडी योजना
इस योजना के तहत चयनित मत्स्य पालकों को नाव, जाल, जैकेट, आइस बॉक्स और मोपेड उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का उद्देश्य मत्स्य पकड़ने की प्रक्रिया को आसान और आधुनिक बनाना है।
सघन मत्स्य पालन एरियशन सिस्टम योजना
यह योजना विशेष रूप से महिला मत्स्य पालकों के लिए बनाई गई है। इसमें मत्स्य पालन के लिए एरियशन सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मछलियों के उत्पादन और गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
मत्स्य कल्याण कोष योजना और प्रशिक्षण
मत्स्य कल्याण कोष योजना के अंतर्गत मत्स्य पालकों के कल्याण और व्यवसायिक विकास के लिए सहयोग दिया जाएगा। साथ ही, विभाग द्वारा प्रदर्शनी, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिल सके और वे उन्नत स्तर का मत्स्य पालन कर सकें।








