
- वाराणसी में जमीन विवाद में बुजुर्ग का आत्मदाह का प्रयास
- तहसील परिसर के मंदिर में खुद को आग लगाई
- पेट्रोल से खुद को भिगोकर माचिस से लगाई आग
वाराणसी। जमीन के मामले में लगातार हार और बेदखली के आदेश के बाद शुक्रवार को वाराणसी के राजातालाब तहसील परिसर में एक बुजुर्ग ने आत्मदाह का प्रयास किया। वह पेट्रोल से भरा कमंडल लेकर मंदिर में पहुंचा और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना के दौरान तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले किया
घटना शुक्रवार दोपहर की है। मिर्जामुराद के जोगापुर निवासी 65 वर्षीय वशिष्ठ नारायण गौड़ तहसील पहुंचे। उन्होंने मंदिर में जाकर पेट्रोल अपने ऊपर डाला और माचिस जलाकर खुद को आग लगा ली। आग लगते ही वह चीखते हुए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और वकीलों ने कपड़े और मिट्टी डालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक वशिष्ठ 50% तक झुलस गए। उन्हें पहले CHC राजातालाब और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
कहा- न्याय नहीं मिला, क्या अब जान देकर मिलेगा?
झुलसने के बाद भी वशिष्ठ नारायण लगातार दर्द से कराहते हुए कह रहे थे- “कहीं भी हमारा ठिकाना नहीं है। हमें न्याय नहीं मिला, तो क्या करें? जब तक जान से मार देंगे, तब ही प्रशासन कार्रवाई करेगा।”
जमीन पर कब्जे का दावा, कोर्ट ने किया बेदखली का आदेश
वशिष्ठ नारायण ने जोगापुर कसवार गांव में दो बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ था और दावा कर रहे थे कि यह उनकी है। जबकि सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि सार्वजनिक संपत्ति दर्ज थी। तहसील कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने भूमि के कागजात और नजरी नक्शा पेश किया। प्रतिवादी कोई सबूत नहीं दे पाए। कई महीनों की सुनवाई के बाद 17 मई 2025 को तहसील कोर्ट ने बेदखली का आदेश दिया।
इसके बाद वशिष्ठ ने डीएम कोर्ट में अपील की, लेकिन तीन दिन पहले वहां से भी केस खारिज हो गया। इसी से आहत होकर उन्होंने आज आत्मदाह का प्रयास किया।
अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
झुलसने के बाद वशिष्ठ नारायण ने कहा- “अधिकारी जांच नहीं करते, सिर्फ पैसा चाहते हैं। रिपोर्ट नहीं लगाई। मुझे हाईकोर्ट जाने को कहा, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं।”
घटना के बाद तहसीलदार मौके से फरार
किसान के आत्मदाह के प्रयास के बाद तहसीलदार श्याम नारायण तिवारी मौके से चले गए। कोर्ट के अन्य कर्मचारी भी दफ्तर छोड़कर निकल गए। तहसील परिसर में हड़कंप मचा रहा।







