अम्बेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार अम्बेडकरनगर में शनिवार को एचआईवी/एड्स विषयक जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में किया गया। इस मौके पर उन्होंने इस गंभीर बीमारी के प्रति जनजागरूकता को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
जनमानस को सचेत करना है पहली जिम्मेदारी : डीएम
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि एचआईवी/एड्स एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिससे निपटने के लिए जागरूकता ही एकमात्र प्रभावी हथियार है। उन्होंने विद्यालय स्तर से लेकर ब्लॉक और जिला कार्यालयों तक जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी ब्लॉकों के सरकारी कार्यालयों में कंडोम बॉक्स की स्थापना सुनिश्चित कराई जाए। इसके साथ ही विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जागरूकता पंपलेट व पोस्टर के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
दो माह तक चलाया जाएगा विशेष जागरूकता अभियान
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. रामानंद ने बताया कि जिले में आगामी दो माह तक विशेष एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कुल 12 प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों में जनसभाएं, रैलियां, पोस्टर प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य शिविर और परामर्श सत्र शामिल होंगे।
डॉ. रामानंद ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करना है, जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
1097 हेल्पलाइन का प्रचार-प्रसार अनिवार्य : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने कार्यशाला के दौरान एचआईवी/एड्स हेल्पलाइन नंबर 1097 (टोल फ्री) के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस नंबर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति गोपनीय रूप से एचआईवी से संबंधित जानकारी व परामर्श प्राप्त कर सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस हेल्पलाइन की जानकारी पंचायत स्तर तक लोगों को दी जाए।








