- मेडिकल कॉलेज में आधारभूत ढांचे को दुरुस्त करने की बड़ी पहल
- जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन अभियंताओं की अस्थायी तैनाती
- सिविल, विद्युत और मैकेनिकल इंजीनियर संभालेंगे जिम्मेदारी
अंबेडकरनगर। मेडिकल कॉलेज में अब सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, बल्कि भवन, विद्युत, जल निकासी और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएं भी दुरुस्त होंगी। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर शासन से स्थायी तैनाती होने तक तीन अभियंताओं को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से अस्थायी रूप से मेडिकल कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया है।
इस कदम को मेडिकल कॉलेज की बुनियादी ढांचे की स्थिति सुधारने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने इस पहल के लिए जिलाधिकारी का आभार जताते हुए इसे मेडिकल कॉलेज के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।
तीन अभियंताओं की तैनाती, तीन प्रमुख क्षेत्रों में जिम्मेदारी
जिन अभियंताओं को कॉलेज से जोड़ा गया है, उनमें मनीष पटेल (अवर अभियंता, सिविल), इल्तिकार आदिल (अवर अभियंता, विद्युत) और अमित सिंह (अवर अभियंता, मैकेनिकल) शामिल हैं। यह तीनों अभियंता कॉलेज परिसर में संबंधित कार्यों की निगरानी करेंगे और त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, इंजीनियरों की यह तैनाती भवनों की मरम्मत, विद्युत आपूर्ति की स्थिरता, जल निकासी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के रखरखाव में सहायक होगी। इससे मरीजों, डॉक्टरों, स्टाफ और छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से महसूस की जा रही थी इंजीनियरों की आवश्यकता
मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थान में चिकित्सकीय सेवाओं के साथ-साथ आधारभूत ढांचे का सुचारु संचालन भी उतना ही आवश्यक होता है। हालांकि, अभी तक कॉलेज में इंजीनियरों की स्थायी तैनाती नहीं हो सकी थी। इस कमी को ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शासन से कई बार पत्राचार किया।








