- महाकाल-2 हुआ लॉन्च – अब बड़े माफियाओं पर होगी कार्रवाई
- नवंबर में डीजी प्रमोशन – केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले बड़ा बदलाव
- अखिलेश दुबे की कहानी – वकील जिसने तीन दशक तक मचाई दहशत
कानपुर। कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन मंत्रालय में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। यूपी सरकार जल्द ही 1994 बैच के इस सीनियर IPS अधिकारी को एनओसी के साथ कार्यमुक्त करेगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लग सकता है।
ऑपरेशन महाकाल से बने चर्चा का केंद्र
अखिल कुमार ने 4 जनवरी 2024 को कानपुर पुलिस कमिश्नर का चार्ज लिया था। कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध जगत में हलचल मचा देने वाला ऑपरेशन महाकाल चलाया। इस अभियान के तहत जमीन कब्जा, रंगदारी और सफेदपोश अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। उन्होंने कथित पत्रकारों और वकीलों पर कार्रवाई के लिए SIT गठित की।
19 अगस्त को लॉन्च हुआ ऑपरेशन महाकाल-2
पहले चरण में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद 19 अगस्त को ऑपरेशन महाकाल-2 की शुरुआत हुई। 20 सेकंड के टीजर में पुलिस ने संकेत दिए कि इस बार शहर के बड़े माफियाओं और सफेदपोश अपराधियों पर कार्रवाई होगी।
डीजी प्रमोशन से पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति
अखिल कुमार का नवंबर में डीजी रैंक पर प्रमोशन होना है। करीब 4 महीने पहले उनका नाम केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए चुना गया था। सोमवार को प्रतिनियुक्ति का लेटर जारी होते ही चर्चा शुरू हो गई कि उनके ट्रांसफर के बाद ऑपरेशन महाकाल का भविष्य क्या होगा? क्या बड़े मामलों में कार्रवाई रुक जाएगी? हालांकि, उनके रिलीव होने में अभी समय लग सकता है।
कौन है अखिलेश दुबे, जिसने कानपुर में मचाई दहशत?
अखिलेश दुबे एक ऐसा वकील है, जिसने कभी कोर्ट में बहस नहीं की, लेकिन शहर में अपनी कोर्ट चलाता था। वह पुलिस जांच की लिखापढ़ी और केस मैनेजमेंट का काम करता था। बड़े-बड़े मामलों में नाम जोड़ने और हटाने के खेल से उसने तीन दशक तक कानपुर में बादशाहत कायम रखी। कोई भी उससे टकराने की हिम्मत नहीं करता था।








