- गंगा संरक्षण हेतु “गंगा सम्मान पुरस्कार–2025” का आयोजन
- राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के निर्देश पर राज्य स्तर पर पहल
- पुरस्कार का उद्देश्य: जन जागरूकता और पर्यावरणीय पुनर्जीवन
अम्बेडकरनगर। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय पुनर्जीवन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संगठनों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस वर्ष “गंगा सम्मान पुरस्कार–2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली के निर्देश पर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश के तहत किया जा रहा है।
यह जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उमेश तिवारी ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार गंगा के संरक्षण और स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पर्यावरणीय पुनर्जीवन और जन भागीदारी पर होगा फोकस
डॉ. उमेश तिवारी के अनुसार, गंगा सम्मान पुरस्कार का मूल उद्देश्य जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, और स्थायी पर्यावरणीय प्रयासों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार के माध्यम से गंगा और उसकी सहायक नदियों जैसे यमुना, गोमती, रामगंगा आदि के लिए किए जा रहे प्रभावी कार्यों को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पहचान दी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
गंगा सम्मान पुरस्कार–2025 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है।
इच्छुक व्यक्ति, गैर-सरकारी संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन आदि निर्धारित श्रेणियों के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के साथ संबंधित कार्यों के दस्तावेज, प्रमाण, गतिविधियों की रिपोर्ट, और फोटोग्राफ्स संलग्न करना अनिवार्य है।
सभी इच्छुक आवेदक अपना आवेदन प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय, अम्बेडकरनगर में निर्धारित तिथि तक प्रस्तुत करें।








