
अंबेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में एमबीबीएस की प्रवेश प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब कॉलेज की 85 में से 79 सीटों पर किए गए प्रवेश को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कोर्ट ने कॉलेज में आरक्षण व्यवस्था को दोबारा निर्धारित करने का आदेश दिया है, जिससे न सिर्फ अंबेडकरनगर, बल्कि प्रदेशभर की काउंसलिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
हाईकोर्ट के आदेश से हड़कंप
राजकीय मेडिकल कॉलेज में राज्य सरकार के कोटे की 85 में से 78 सीटें आरक्षित श्रेणी में थीं, जिसमें अधिकांश सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। लेकिन हाईकोर्ट ने आरक्षण को 50 प्रतिशत की सीमा में लाने का निर्देश देते हुए वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर दिया है। कोर्ट के आदेश का सीधा असर न केवल काउंसलिंग पर पड़ेगा, बल्कि पांच सितंबर से शुरू होने वाली कक्षाओं पर भी संशय मंडरा गया है।
विशेष श्रेणी में होने से मिली थी छूट
राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर को वर्ष 2011 में ‘स्पेशल कंपोनेंट श्रेणी’ में रखा गया था। इसी आधार पर राज्य कोटे की 85 सीटों में से 70 प्रतिशत से अधिक सीटें आरक्षित रखी गई थीं। मौजूदा स्थिति में केवल सात अनारक्षित सीटें थीं, जबकि केंद्र सरकार की 15 सीटों में आठ अनारक्षित थीं, जहां आरक्षण अधिनियम 2006 के तहत प्रवेश प्रक्रिया संचालित होती है।









