अम्बेडकरनगर (ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में अम्बेडकरनगर जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 346 डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी, जिनमें हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक सामग्री उपलब्ध होगी। यह योजना जिले में शिक्षा के स्तर को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में मानी जा रही है।
सभी वर्गों के लिए होगी किताबें
इन डिजिटल पुस्तकालयों में छोटे बच्चों के लिए रोचक व शिक्षाप्रद कहानियों से लेकर युवाओं के लिए IAS, PCS, बैंकिंग, SSC आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। लाइब्रेरी की पुस्तकों का चयन ध्यानपूर्वक किया जाएगा, ताकि सभी आयु वर्गों और शैक्षिक पृष्ठभूमि के पाठकों को लाभ मिल सके।
पांच सदस्यीय समिति करेगी पुस्तक चयन
प्रशासन ने पुस्तक चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में बीएसए (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी), डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक), पुस्तकालय अध्यक्ष और दो अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं। ये समिति पुस्तकों की गुणवत्ता, उपयोगिता और विषयवस्तु का मूल्यांकन कर चयन सुनिश्चित करेगी।
प्रति लाइब्रेरी ₹4 लाख का बजट
प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर औसतन ₹4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से ₹1.80 लाख केवल पुस्तकों की खरीद पर व्यय होंगे। शेष राशि लाइब्रेरी के इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटलीकरण, फर्नीचर और तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था पर खर्च होगी।
दो स्रोतों से होगी पुस्तक आपूर्ति
पुस्तकों की आपूर्ति के लिए दो विश्वसनीय स्रोत निर्धारित किए गए हैं। लगभग 50% किताबें ‘नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT)’ से मंगाई जाएंगी, जो शैक्षिक गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। शेष पुस्तकें स्थानीय स्तर से क्रय की जाएंगी, जिससे स्थानीय भाषाई जरूरतों और विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जा सके।








