
अंबेडकरनगर । पूर्वांचल के शिक्षा नक्शे पर जल्द ही अंबेडकरनगर एक नई पहचान बना सकता है। जिले में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर शासन स्तर पर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडेय के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय की आवश्यकता, संभावनाएं और लाभ जैसे बिंदुओं पर केंद्रित होगी।
अगर सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो जल्द ही अंबेडकरनगर को उसका बहुप्रतीक्षित विश्वविद्यालय मिल सकता है, जिससे जिले सहित पूरे पूर्वांचल की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
छात्रों को मिलेगा घर के पास उच्च शिक्षा का अवसर
अंबेडकरनगर जिले के हजारों छात्र अब तक उच्च शिक्षा के लिए अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी जैसे शहरों का रुख करने को मजबूर रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्र संसाधनों और परिवहन की सीमाओं के कारण आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना से स्थानीय स्तर पर स्नातक और परास्नातक शिक्षा उपलब्ध होगी। इससे छात्रों को पलायन की मजबूरी से राहत मिलेगी और पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा।
पूर्वांचल को मिलेगा नया शैक्षिक केंद्र
प्रस्तावित विश्वविद्यालय सिर्फ अंबेडकरनगर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूर्वांचल के कई जिलों के लिए शैक्षिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। विभिन्न संकायों में पढ़ाई के साथ-साथ अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि, विज्ञान, समाजशास्त्र और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार शोध केंद्रों की स्थापना की जाएगी।








