अम्बेडकरनगर जिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर वायरल आरोप

  • अम्बेडकरनगर: अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर बाहरी सामान लाने और वसूली के आरोप
  • मरीजों को 16,200–16,800 रुपये तक भुगतान करना पड़ा
  • पहले भी अस्पताल में दवा की भारी कमी का मामला सामने आया

अम्बेडकरनगर |  उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की लाख कोशिशों के बावजूद, जिले में स्वास्थ्य विभाग की व्यवहारिक चुनौतियां जस की तस बनी हुई हैं। ताज़ा मामला संयुक्त जिला चिकित्सालय अम्बेडकरनगर से जुड़ा है, जहाँ ग्रामीण अंचल से इलाज हेतु आने वाले गरीब मरीज भारी मानसिक दबाव में हैं। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ व बिचौलियों ने उन्हें “ओटी एवं सर्जरी के नाम पर” बाहरी समान लाने को मजबूर किया और मोटी रकम वसूली गई।

बाहरी समान व बिचौलिए — शिकायतें बढ़ीं

मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें पर्चा पकड़ाया गया कि बाहर से सर्जरी सम्बन्धित कुछ सामान लाएं — ग्लव्स, सिरिंज, रूई आदि। जब तीमारदार मेडिकल स्टोर पहुंचे तो पर्चे अनुसार सामान पकड़ा गया व बदले में 16,200 से 16,800 रुपये तक की रकम की मांग की गई। इसके बाद बिल नहीं दिया गया।
इस तरह मरीजों को ऑपरेशन के नाम पर बाहरी समान लाने व वसूली के बीच फंसते देखा जा रहा है। इस तरह के आरोपों पर अस्पताल व विभाग की जवाबदेही से सवाल उठ रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया – जांच एवं कार्रवाई का निर्देश

जब इस मामले में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को अस्पताल में उपलब्ध सभी सामान उपलब्ध कराने व बिल जारी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि अगर बाहर से सामान मंगाया जा रहा है तो यह गलत है, ऐसे किसी रैकेट को बख्शा नहीं जाएगा। तहकीकात के लिए एसडीएम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी।

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