- वामपंथी संगठनों ने ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ आंदोलन शुरू किया
- पेरिस में वेतन वृद्धि की मांग पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया
- बुधवार तक 29,000 लोग प्रदर्शन में शामिल, 300 गिरफ्तार
पेरिस, फ्रांस। फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीतियों और आर्थिक सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। आम लोगों का मानना है कि सरकार की नीतियां आम जनता के हितों के खिलाफ हैं और अमीर वर्ग को फायदा पहुंचा रही हैं।
बजट में कटौती और आर्थिक दबाव: सरकार ने खर्चों में कटौती और कल्याणकारी योजनाओं में कमी कर आर्थिक सुधार लागू किए हैं। इससे मध्यमवर्ग और श्रमिक वर्ग पर गंभीर दबाव बढ़ा है।
सियासी अस्थिरता: हाल ही में सेबास्टियन लेकोर्नू को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। यह दो साल में फ्रांस का पांचवां प्रधानमंत्री है। इससे लोगों में असंतोष और अस्थिरता बढ़ी है।
‘ब्लॉक एवरीथिंग’ आंदोलन: वामपंथी गठबंधन और जमीनी संगठनों ने ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ नारे के साथ प्रदर्शन शुरू किए हैं। उनका मकसद है कि देश में सबकुछ ठप करके सरकार को झुकने पर मजबूर किया जाए।
गिरफ्तारी और हिंसक घटनाएं: बुधवार तक लगभग 29,000 लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। पेरिस में 171 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कुल 300 लोग गिरफ्तार हुए। 105 आगजनी की घटनाएं दर्ज हुईं और चार सुरक्षाकर्मी हल्के रूप से घायल हुए।
वेतन वृद्धि की मांग: पेरिस में श्रम मंत्रालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सीजीटी यूनियन के नेता अमार लाघा ने कहा कि 10 साल काम करने के बाद भी कर्मचारियों को 1,600 यूरो नेट से ज्यादा वेतन नहीं मिलता। औशां, कार्फूर और मोनोप्रिक्स जैसी कंपनियों के कर्मचारी इसमें शामिल हुए। यूनियनों को उम्मीद है कि यह प्रदर्शन 18 सितंबर की राष्ट्रीय हड़ताल की तैयारी का मार्ग बनाएगा।







