सीएमओ पर घूसखोरी का आरोप, डीएम ने बिठाई मजिस्ट्रेटी जांच

  • जांच में एसडीएम सदर और एसडीएम न्यायिक जलालपुर शामिल
  • रिकॉर्डेड ऑडियो और अन्य साक्ष्य जांच टीम को सौंपे गए
  • डीएम ने भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकेत दिया, सीएमओ की भूमिका भी जांच के दायरे में

अम्बेडकरनगर (ब्यूरो)। जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. संजय शैवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला एक निजी हॉस्पिटल के रिन्यूवल से जुड़ा है, जिसमें सीएमओ कार्यालय के स्टेनो द्वारा 1.5 लाख रुपये की घूस मांगने की शिकायत सामने आई है। इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

स्टेनो पर सीएमओ के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप

जानकारी के अनुसार, एक निजी हॉस्पिटल संचालक ने शिकायत दर्ज कराई है कि सीएमओ कार्यालय में तैनात स्टेनो ने अस्पताल के नवीनीकरण (रिन्यूवल) के नाम पर सीएमओ के लिए 1.5 लाख रुपये की मांग की थी। संचालक का कहना है कि जब उसने इस बात की शिकायत खुद सीएमओ से की, तो उल्टा सीएमओ ने अपनी “ऊंची पहुंच” का हवाला देते हुए मामला रफा-दफा करने की बात कही।

डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर ने अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मजिस्ट्रेटी जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम में एसडीएम सदर और एसडीएम न्यायिक जलालपुर को भी शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

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