
- राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को बताया ‘शर्मनाक’
- स्पीकर ने विवादित शब्द कार्यवाही से हटाए
- एनडीए सांसदों ने बयान पर किया जोरदार विरोध
नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधित बिलों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त करने के बजाय उन्हें कमजोर बनाएगा और इसे ‘शर्मनाक कानून’ करार दिया।
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह बिल असल में चुनावी क्षेत्रों के परिसीमन (डिलिमिटेशन) के जरिए राजनीतिक नक्शा बदलने की कोशिश है। उन्होंने मांग की कि पुराने स्वरूप में बिल लाया जाए, जिस पर विपक्ष समर्थन देने को तैयार है।
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi का नाम लिए बिना तंज कसते हुए ‘बालाकोट, नोटबंदी और सिंदूर के जादूगर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर सत्तारूढ़ एनडीए के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताया।
स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने हस्तक्षेप किया और राहुल गांधी के कुछ विवादित शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
राहुल गांधी की स्पीच की प्रमुख बातें:
- उन्होंने कहा कि सरकार जानती है कि यह बिल अपने मौजूदा रूप में पारित नहीं हो सकता, इसलिए इसे राजनीतिक रणनीति के तहत लाया गया है।
- राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी नक्शा बदलकर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है, लेकिन विपक्ष इसे सफल नहीं होने देगा।
- उन्होंने इस बिल को ओबीसी और दलित वर्गों के लिए ‘क्रूर’ बताते हुए कहा कि इससे उनके अधिकारों पर असर पड़ेगा।









