- मोबाइल और लैपटॉप डेटा से सोशल मीडिया कनेक्शन की पुष्टि
- जुलाई में सगी बहनों को कोलकाता से मुक्त कराया गया था
- पुलिस आतंकवाद की धारा 113 बीएनएस जोड़ने पर विचार कर रही
आगरा। सदर क्षेत्र की सगी बहनों के कथित धर्मांतरण मामले में जेल गए आरोपियों के खिलाफ जांच और गहराती जा रही है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी मिली है कि आरोपियों का झारखंड में पकड़े गए 4 आतंकियों से कनेक्शन है।
मोबाइल और लैपटॉप डेटा से खुली कड़ी
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप डेटा की जांच के दौरान यह पता लगाया कि उनके सोशल मीडिया संपर्क झारखंड आतंकियों से जुड़े थे। जुलाई में आगरा पुलिस ने सदर की सगी बहनों को कोलकाता से मुक्त कराया था। इस मामले में अब्दुल रहमान समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा भी शामिल है।
पूछताछ में सामने आई साजिश
पुलिस ने आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। छह युवतियों ने गैंग के सदस्यों के खिलाफ बयान दर्ज कराए। जांच में खुलासा हुआ कि धर्मांतरण गैंग के चार सदस्य झारखंड में अप्रैल 2025 में पकड़े गए आतंकियों — अयान जावेद, शबनम परवीन, मोहम्मद शहजाद आलम और फैयाज हुसैन — से जुड़े हुए थे। चारों आतंकियों को झारखंड में जेल में बंद किया गया है।
आतंकवाद की धारा भी जोड़ने की संभावना
आगरा पुलिस धर्मांतरण में जेल गए आरोपियों के खिलाफ धारा 113 बीएनएस (आतंकवाद) जोड़ने पर विचार कर रही है। IB और NIA की टीम कई दिनों तक आगरा में पूछताछ और जांच में जुटी रही। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की गहन विवेचना कर रही हैं।
सोशल मीडिया और ब्रेनवॉश
जांच में सामने आया कि झारखंड आतंकियों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों का ब्रेनवॉश कर उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ा था। पुलिस का कहना है कि धर्मांतरण और आतंकवाद के कनेक्शन की जांच जारी है और आने वाले समय में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में नई धाराओं का समावेश किया जा सकता है।








