
- संचालिका ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
- स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता पर उठे प्रश्न
- विवाद के बाद विभाग में समीक्षा और हलचल तेज
अम्बेडकरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला लक्ष्मी डायग्नोस्टिक सेंटर, बसखारी से जुड़ा है, जहां केंद्र का लाइसेंस निरस्त किए जाने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट प्रभारी डिप्टी सीएमओ को कानूनी नोटिस भेजा गया है। विभागीय अधिवक्ता ललित कुमार तिवारी की ओर से भेजे गए नोटिस में लाइसेंस निरस्तीकरण को पूरी तरह अवैध करार दिया गया है।
दो डॉक्टर तैनात होने के बावजूद निरस्तीकरण, उठे सवाल
अधिवक्ता ललित कुमार तिवारी के अनुसार, लक्ष्मी डायग्नोस्टिक सेंटर में दो योग्य चिकित्सक नियमित रूप से तैनात हैं और सभी तकनीकी तथा कानूनी शर्तों को पूरा करने के बाद ही लाइसेंस जारी किया गया था। इसके बावजूद विभाग ने लाइसेंस निरस्तीकरण का नोटिस जारी किया, जो न केवल गलत प्रक्रिया का पालन करता है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की नीयत पर भी सवाल खड़े करता है।
लीगल नोटिस में लगाए गंभीर आरोप
जारी किए गए नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और लाइसेंस को बहाल नहीं किया गया, तो सेंटर संचालिका न्यायालय की शरण लेंगी। अधिवक्ता का दावा है कि विभाग की यह कार्रवाई किसी दबाव या आर्थिक उद्देश्य से प्रेरित प्रतीत होती है। नोटिस में चेतावनी भी दी गई है कि यदि आगे कानूनी कार्रवाई होती है, तो सभी जिम्मेदार अधिकारियों को नामजद किया जाएगा।








