
- शहर में 1100 से अधिक स्ट्रीट लाइट शिकायतें लंबित
- फैजुल्लागंज, पेपर मिल और जोन आठ के क्षेत्रों में सबसे अधिक समस्याएँ
- विस्तारित क्षेत्र के 88 गांवों में स्ट्रीट लाइट की कमी
लखनऊ। शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम द्वारा जारी टेंडर में गड़बड़ी के आरोपों के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने संशोधित टेंडर निकाला है, जो 29 सितंबर को खोला जाएगा।
नगर निगम के विस्तारित क्षेत्रों में लगभग 10 करोड़ रुपए के बजट से 16 हजार स्ट्रीट लाइट लगाने का काम होना था। शिकायतों और विवादों के बाद टेंडर में शामिल छह कंपनियों का चयन फिर से किया गया। मार्ग प्रकाश विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगे थे कि टेंडर की शर्तों में कुछ ठेकेदारों को फायदा पहुँचाने की कोशिश की गई।
मार्ग प्रकाश विभाग के चीफ इंजीनियर मनोज प्रभात ने कहा कि कंपनियों के नाम क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए दिए गए थे। अब स्टेट्स तैयार कर दोबारा टेंडर किया गया है।
शहर में स्ट्रीट लाइट की शिकायतों का निपटारा समय से नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में 1100 से अधिक शिकायतें लंबित हैं, जिनमें 200 IGRS, 700 ऑनलाइन और मैनुअल शिकायतें शामिल हैं। सबसे अधिक समस्याएँ फैजुल्लागंज, पेपर मिल वार्ड और जोन आठ के क्षेत्रों में हैं।
विस्तारित क्षेत्रों के 88 गांवों में भी लाइट लगाने की मांग है। ये गांव नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद लंबे समय से स्ट्रीट लाइट की कमी से जूझ रहे हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा बजट रोकने के कारण इन क्षेत्रों में विकास भी बाधित रहा।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि 29 सितंबर से टेंडर खुलने के बाद काम में तेजी आएगी और लंबित शिकायतों का निपटारा किया जाएगा।








