लाल क़िले पर गूंजा “जय श्रीराम” का जयघोष

  • बॉलीवुड और टीवी कलाकारों ने प्रमुख पात्रों की भूमिका निभाई
  • हाईटेक 3D प्रोजेक्शन, लाइटिंग और ऑडियो तकनीक से मंचन और भी प्रभावशाली
  • दिल्ली पुलिस और स्वयंसेवकों द्वारा सख्त सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल क़िला मैदान में चल रही विश्वविख्यात लव-कुश रामलीला ने एक बार फिर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। 100 वर्षों से अधिक समय से निरंतर आयोजित हो रही इस रामलीला में रविवार रात अरण्यकाण्ड और सीता-हरण प्रसंग का दिव्य और भव्य मंचन प्रस्तुत किया गया।

रविवार को आयोजित इस विशेष प्रसंग को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक एकत्र हुए। मंचन के दौरान वातावरण “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।

विवेक मौर्य ने देखा मंचन, नारायण फाउंडेशन से जुड़े प्रमुख लोग भी रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य विशेष अतिथि के रूप में मंचन देखने पहुंचे। उनके साथ कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद रहीं।

विवेक मौर्य ने मंचन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,

“रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, यह भारत की आत्मा है। श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना हमारा धर्म है।”

फिल्मी सितारों और राजनेताओं ने निभाई मंच पर अहम भूमिकाएं

लव-कुश रामलीला की विशेषता यह रही कि इसमें बॉलीवुड और टीवी जगत के कई चर्चित कलाकारों ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई। इसके साथ ही राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने भी अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

रामलीला में लक्ष्मण, रावण, सीता, मारीच और जटायू जैसे प्रमुख पात्रों का अभिनय ऐसा रहा कि दर्शक हर दृश्य में जुड़ाव महसूस करते दिखे। अरण्यकाण्ड के दौरान मारीच का स्वर्ण मृग बनकर राम को वन में ले जाना और रावण द्वारा सीता-हरण का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

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