
- लखनऊ विधानसभा के सामने सैनिक और परिवार का न्याय प्रदर्शन
- पुलिस और भू-माफिया पर गंभीर आरोप
- पत्नी पूजा का दर्द: 20 दिन से न्याय के लिए भटक रहे
लखनऊ। मंगलवार दोपहर लखनऊ विधानसभा के सामने अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब एक सैनिक अपने परिवार के साथ न्याय की गुहार लेकर सुसाइड करने पहुंचा। पीजीआई के देवी खेड़ा गांव पवन पुरी कॉलोनी निवासी हवलदार मनोज कुमार ने अपने परिवार के साथ हाथों में तख्ती लेकर विरोध प्रदर्शन किया। तख्तियों पर लिखा था— “सैनिक की जमीन भूमाफिया और पुलिस से बचाओ।”
हजरतगंज पुलिस ने परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी।
सैनिक का दावा और परिवार की शिकायतें
मनोज कुमार, जो वर्तमान में कुपवाड़ा के एलओसी पर मशाल सेक्टर में तैनात हैं, ने बताया कि उनका पीजीआई इलाके में एक प्लॉट है। उनके अनुसार, फतेहपुर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर भू-माफिया की मदद से उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।
मनोज ने कहा कि उन्होंने पुलिस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे हताश होकर वह अपनी पत्नी पूजा, मां और चाचा के साथ न्याय पाने के लिए विधानसभा पहुंचे।
पत्नी पूजा का दर्द
सैनिक की पत्नी पूजा ने बताया, “हमारी पूरी जिंदगी की कमाई हमने घर बनाने में लगा दी। अब हमारे बच्चे खाने के लिए भी मोहताज हैं। पति कुपवाड़ा में देश की सेवा कर रहे हैं, लेकिन एसी में बैठे अधिकारी हमारी मदद नहीं कर रहे। हम न्याय के लिए 20 दिन से भटक रहे हैं।”
पूजा ने आगे कहा कि पति ऑपरेशन सिंदूर में भी शामिल रहे हैं और जो देश की सेवा कर रहे हैं, उसी के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह लगातार उनकी जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री के दम पर निर्माण करवा रहे हैं।
अधिकारियों पर गंभीर आरोप
पूजा ने यह भी कहा कि सेना के कमांडर ऑफिसर ने उनके मामले पर लिखित रूप से समर्थन दिया, लेकिन इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि न्याय न मिलने के कारण उन्होंने विधानसभा पर आत्महत्या करने तक की स्थिति में प्रदर्शन किया।
इस घटना ने विधानसभा क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया और पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए तुरंत कदम उठाए।








