
- अंबेडकरनगर में गांधी और शास्त्री जयंती का सम्मान
- जिलाधिकारी ने चरखा चलाकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया
- अंबेडकर प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित
अंबेडकरनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बृहस्पतिवार को जिले में गरिमापूर्ण ढंग से मनाई गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने न केवल श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि चरखा कातकर स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का प्रतीकात्मक संदेश भी दिया।
तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत
दिन की शुरुआत जिलाधिकारी आवास पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद जिलाधिकारी सहित अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और अन्य अधिकारियों ने क्षेत्रीय गांधी आश्रम पहुंचकर गांधी और शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
चरखा कातकर दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
गांधी आश्रम में जिलाधिकारी ने चरखा चलाकर स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के मूल्यों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इस प्रतीकात्मक क्रियाकलाप से उन्होंने यह संदेश दिया कि विकास की राह आत्मनिर्भरता से होकर ही गुजरती है, और इसके लिए हर नागरिक को योगदान देना चाहिए।
अंबेडकर प्रतिमा पर भी अर्पित किए श्रद्धा सुमन
गांधी आश्रम के बाद जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट के पास स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पहुंचे और पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर, गांधी और शास्त्री—तीनों महापुरुषों का जीवन राष्ट्रनिर्माण के मूल स्तंभों में से एक रहा है।
नवोदय छात्राओं ने पेश किए भजन
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय की छात्राओं द्वारा गांधीजी से जुड़े भजन प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा। पूरा माहौल देशभक्ति और नैतिक मूल्यों से ओत-प्रोत रहा।








