
अम्बेडकरनगर। शैक्षिक संस्था बज़्म फैजाने हक्कानी के तत्वावधान में रविवार की रात टांडा क्षेत्र के सकरावल पूर्वी में एक भव्य नातिया मुशायरा का आयोजन किया गया। यह आयोजन संस्था के निदेशक कारी जमाल अशरफ निजामी की जियारत हरमैन शरीफैन की खुशी में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय व बाहरी कई नामचीन नातगो शायरों ने अपनी रचनाओं से महफिल को रोशन किया।
कुरआनी तिलावत से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत कमाल अहमद द्वारा की गई तिलावत-ए-कुरआन से हुई। इसके पश्चात शरीफुलहक सुब्हानी ने मंच संचालन की बागडोर संभाली, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर तालिब रहमानी टांडवी ने की।
मुख्य अतिथि ने जताई मुबारकबाद
कार्यक्रम में मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज हंसवर के शिक्षक और ‘सितारा-ए-उर्दू’ सम्मान से नवाजे गए मोहम्मद असलम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कारी जमाल अशरफ को हरमैन शरीफैन की जियारत पर मुबारकबाद देते हुए कहा,
“यह मुकद्दस यात्रा हर किसी को नसीब नहीं होती, अल्लाह तआला इसे कुबूल फरमाए और उन्हें और ज्यादा खिदमते दीन की तौफीक दे।”
कारी जमाल अशरफ का संबोधन
संस्था के निदेशक कारी जमाल अशरफ निजामी ने कार्यक्रम के दौरान कहा,
“मैं हरमैन शरीफैन में टांडा के व्यापार, समाज और शिक्षण व्यवस्था की बेहतरी के लिए दुआ करूंगा। हमारा मकसद इल्म और अदब के जरिए समाज को रौशन करना है।”
मुख्य वक्ता ने दिया बराबरी का पैगाम
मुख्य वक्ता के रूप में मुफ्ती मोहम्मद रिजवान अजहरी किछौछवी ने अपने विचार रखते हुए कहा,
“हरमैन शरीफैन की जियारत बंदे को उसके रसूल की याद दिलाती है। यह यात्रा इंसान को इंसानियत, बराबरी और एकता का संदेश देती है, जिसमें कोई भेदभाव नहीं होता।”








