
- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को दी सफलता का मंत्र — “संयम में शक्ति और शक्ति में शांति है”
- समारोह में 1424 विद्यार्थियों को डिग्री, 146 में से 127 पदक वितरित
- विश्वविद्यालय ने बहराइच के 250 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया
लखनऊ। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ का 10वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल को विश्वविद्यालय की AI लैब में बनी भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की गई। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, कुलपति प्रो. अजय तनेजा, और फिल्म निर्माता-फैशन डिजाइनर मुजफ्फर अली सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत कुलाधिपति की अनुमति से हुई, जिसके बाद कुलपति अजय तनेजा ने छात्र-छात्राओं को दीक्षा दी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 1424 विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजी लॉकर पर अपलोड कीं और 146 में से 127 पदक छात्र-छात्राओं को प्रदान किए। इस बार 47 छात्र और 99 छात्राएं स्वर्ण पदक से सम्मानित हुईं।
कुलपति ने बताया कि इस वर्ष दो नए स्वर्ण पदक — डोरीलाल सागर मेमोरियल गोल्ड मेडल और रामपति देवी गोल्ड मेडल (इतिहास) — भी जोड़े गए हैं।
गोल्ड मेडलिस्ट्स की उपलब्धियां और सपने
रहमाना (उर्दू विभाग) — जेआरएफ की तैयारी कर रही हैं, उन्हें उर्दू, अरबी-फारसी और कला एवं मानविकी संकाय में प्रथम आने पर तीन स्वर्ण पदक मिले।
धर्मेश यादव (बीएससी-रसायन) — तीन गोल्ड मेडल प्राप्त किए; पिता किसान हैं, असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं।
अपूर्व द्विवेदी (बीटेक, सिविल इंजीनियरिंग) — तीन स्वर्ण पदक हासिल; GATE परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं।
तनु प्रिया (सामाजिक विज्ञान और बीएड) — दो गोल्ड मेडल; लक्ष्य प्रोफेसर बनने का।
अदीबा अंजुम (एमए अरेबिक) — गोल्ड मेडलिस्ट; अरेबिक में रिसर्च करना चाहती हैं।
समारोह में पीएचडी उपाधि धारकों और चार शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
सम्मानित प्रोफेसर: डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. अताउर रहमान, प्रो. सोबान सईद और रिसर्च एंड इनोवेशन के शावेज अली सिद्दीकी।








