पराली जलाने पर होगी कठोर कार्यवाही : जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला

  • जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने पराली जलाने पर सख्ती के निर्देश दिए
  • पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरे को लेकर जताई गंभीर चिंता
  • ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी

अंबेडकरनगर। जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने प्रशासनिक, राजस्व, पुलिस, कृषि और पंचायत स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरे को लेकर चिंता

जिलाधिकारी ने कहा कि पराली जलाने की वजह से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। इस विषय को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी गंभीरता से लिया है और इसके अनुपालन को लेकर निर्देश जारी किए हैं।

ग्राम स्तर पर निगरानी व्यवस्था होगी सुदृढ़

उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर बीट कांस्टेबल, ग्राम प्रहरी, राजस्व कर्मी एवं ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी से सतत निगरानी की जाए। यदि किसी क्षेत्र में पराली जलाने की घटना होती है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय की जाएगी।

क्षतिपूर्ति वसूली के सख्त प्रावधान

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 06 नवम्बर 2024 के तहत पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली के प्रावधान लागू किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अधिसूचना के तहत:

2 एकड़ से कम क्षेत्रफल पर पराली जलाने पर ₹5,000

2 से 5 एकड़ क्षेत्रफल पर ₹10,000

5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर ₹30,000 तक की वसूली की जाएगी।

यह वसूली राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी।

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