
अम्बेडकरनगर | नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ दायर रिट याचिका पर उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चेयरमैन ओमकार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर पंचायत पर लगे प्रतिबंधों और अपर जिलाधिकारी के आदेश पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।
इस निर्णय के बाद नगर पंचायत प्रशासन को अस्थायी राहत मिल गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि अपर जिलाधिकारी द्वारा पारित आदेश न केवल एकपक्षीय है, बल्कि नगर निकाय की स्वायत्तता में भी अनावश्यक हस्तक्षेप करता है।
क्या है पूरा मामला
नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के कार्यों में कथित अनियमितताओं के आधार पर हाल ही में अपर जिलाधिकारी द्वारा प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इस आदेश के तहत नगर पंचायत चेयरमैन और कार्यकारिणी को किसी भी प्रकार का व्यय या प्रशासनिक निर्णय लेने से रोका गया था।
अपर जिलाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए नगर पंचायत चेयरमैन ओमकार गुप्ता ने लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका दाखिल की थी, जिसमें आदेश की वैधता और प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश
कोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई के बाद माना कि इस मामले में गंभीर कानूनी प्रश्न उठते हैं, और याचिकाकर्ता को तत्काल राहत देना आवश्यक है। इसी के तहत खंडपीठ ने अग्रिम आदेश तक अपर जिलाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी।
इस आदेश के बाद अब नगर पंचायत फिर से अपने सामान्य प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का संचालन कर सकेगी, जब तक कि मामले में अंतिम निर्णय नहीं आ जाता।








